टॉवर, व्यक्तिगत जमीन और स्थानीय शासन


कल मेरे एक पुराने मित्र मुझसे मिलने आये। उनका विभाग ग्रामीण इलाके में खम्भे और तार लगा रहा है। उनकी समस्या यह है कि गांव के लोग अपने खेत में टॉवर खड़ा नहीं करने दे रहे।1 टॉवर खड़ा करना जमीन अधिग्रहण जैसा मामला नहीं है। इण्डियन टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं के अनुसार किसी भी जमीनContinue reading “टॉवर, व्यक्तिगत जमीन और स्थानीय शासन”

श्री बुध प्रकाशजी के पूर्वजों की एक पीढ़ी


श्री बुध प्रकाश मेरे जोनल रेलवे (उत्तर मध्य रेलवे) के महाप्रबंधक हैं। सामान्यत: मैं उनपर नहीं लिखता – कि वह कहीं उनकी चाटुकारिता में लिखा न प्रतीत हो। पर वे ३१ दिसम्बर को रिटायर होने जा रहे हैं और ऐसा कोई मुद्दा शेष नहीं है जिसमें मुझे उनकी चाटुकारिता करने की आवश्यकता हो। इसके अलावाContinue reading “श्री बुध प्रकाशजी के पूर्वजों की एक पीढ़ी”

रेल कर्मी और बैंक से सेलरी


जब से रेलवे की स्थापना हुयी है, रेल कर्मियों की सेलरी (मासिक तनख्वाह) बांटने का काम कैश ऑफिस के कर्मी करते रहे हैं। जब मैने रेलवे ज्वाइन की थी तब मुझे भी तनख्वाह कैश में मिलती थी। डिविजनल पेमेण्ट कैशियर (डीपीसी)1 आता था नियत दिन पर और हम सभी नये रेल अधिकारी रेलवे स्टॉफ कॉलेजContinue reading “रेल कर्मी और बैंक से सेलरी”

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