अशोक पाण्डेय, उत्कृष्टता, खेतीबाड़ी और दोषदर्शन


मैं सामान्यत: एक पत्रकार के विषय में नहीं लिखना/टिप्पणी करना चाहूंगा। किसी जमाने में बी.जी. वर्गीश, प्रभाष जोशी और अरुण शौरी का प्रशंसक था। अब पत्रकारिता पर उस स्तर की श्रद्धा नहीं रही। पर आज मैं एक पत्रकार के बारे में लिख रहा हूं। अशोक पाण्डेय (इस लिये नहीं कि यह सज्जन पाण्डेय हैं) केContinue reading “अशोक पाण्डेय, उत्कृष्टता, खेतीबाड़ी और दोषदर्शन”

रेल माल-यातायात का रोचक प्रकार


चूंकि मैं आजकल रेलवे में माल यातायात का प्रबन्धन देख रहा हूं और नित्यप्रति की ४००-४५० माल गाड़ियों का आदान-प्रदान देखता हूं उत्तर-मध्य रेलवे पर, मैं एक एक ट्रेन का ध्यान नहीं रख सकता कि किस मालगाड़ी में कहां से कहां के लिये क्या जा-आ रहा है। मोटे तौर पर यातायात का स्ट्रीम स्पष्ट होताContinue reading “रेल माल-यातायात का रोचक प्रकार”

ट्रैक्टर ट्रॉली का जू-जू


ट्रैक्टर और ट्रॉली का युग्म मुझे हाथी की तरह एक विचित्र जीव नजर आता है। हाथी में हर अंग अलग-अलग प्रकार का नजर आता है – एक लटकती सूंड़, दो तरह के दांत, भीमकाय शरीर और टुन्नी सी आंखें, जरा सी पूंछ। वैसे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में सब कुछ अलग-अलग सा नजर आता है। मानो फॉयरफॉक्सContinue reading “ट्रैक्टर ट्रॉली का जू-जू”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free