सतत युद्धक (Continuous Fighter)


छ सौ रुपल्ली में साल भर लड़ने वाला भर्ती कर रखा है मैने। कम्प्यूटर खुलता है और यह चालू कर देता है युद्ध। इसके पॉप अप मैसेजेज देख लगता है पूरी दुनियां जान की दुश्मन है मेरे कम्प्यूटर की। हर पांच सात मिनट में एक सन्देश दायें-नीचे कोने में प्लुक्क से उभरता है: गांधीवादी एकContinue reading “सतत युद्धक (Continuous Fighter)”

बच्चों की परीक्षायें बनाम घर घर की कहानी


मार्च का महीना सबके लिये ही व्यस्तता की पराकाष्ठा है। वर्ष भर के सारे कार्य इन स्वधन्य 31 दिनों में अपनी निष्पत्ति पा जाते हैं। रेलवे के वाणिज्यिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिये अपने सहयोगी अधिकारियों और कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग मिल रहा है पर एक ऐसा कार्य है जिसमें मैं नितान्त अकेला खड़ा हूँ,Continue reading “बच्चों की परीक्षायें बनाम घर घर की कहानी”

नत्तू पांड़े, नत्तू पांड़े कहां गये थे?


नत्तू पांड़े नत्तू पांड़े कहां गये थे? झूले में अपने सो रहे थे सपना खराब आया रो पड़े थे मम्मी ने हाल पूछा हंस गये थे पापा के कहने पे बोल पड़े थे संजय ने हाथ पकड़ा डर गये थे वाकर में धक्का लगा चल पड़े थे नत्तू पांड़े नत्तू पांड़े कहां गये थे?!  Continue reading “नत्तू पांड़े, नत्तू पांड़े कहां गये थे?”

बालम गदेलवा और चील!


बालम मोर गदेलवा बड़ी जबरदस्त फागुनी पोस्ट है। आपे नहीं पढ़ी/सुनी तो वहां हो आइये! हिन्दी ब्लॉगिंग वहां अपनी समग्रता पर है। बाकी, सवाल यह है कि जवान पत्नी का गदेला बालम (बच्चा पति) क्यों होता है? होता जरूर रहा होगा। शायद बेमेल विवाह का यह रिवर्स संस्करण भी समाज की कोई जरूरत रही हो।Continue reading “बालम गदेलवा और चील!”

बज़ का अवतरण और ई-मेल से पोस्टें


पिछले कुछ दिनों में दो नई बातें हुई हैं। एक तो जी-मेल ने बज़ (Buzz) निकाला। उसमें लपटिया गये। फेसबुक अकाउण्ट सुला दिये। बज़ से सुविधा-असुविधा पर हो रही चौंचियाहट में कुछ खुद भी बज़बजाये।   दूसरे शिवकुमार मिश्र की देखा देखी मोबाइल पर इंण्टरनेट चढ़वा लिये। शाम को दफ्तर से घर लौटते अंधेरा हो जाताContinue reading “बज़ का अवतरण और ई-मेल से पोस्टें”

कार्बन त्याग के क्रेडिट का दिन


हिमालय पिघलेगा या नहीं, पचौरी जी १.६ किमी के लिये वाहन का प्रयोग कर रहे हैं, भैया आप पोस्ट-पेड़ हो या प्रि-पेड़ हो, सी एफ एल लगाइये, बिजली और पानी बहुमूल्य है, आई एम डूइंग माइ बिट व्हॉट अबाउट यू, कार्बन क्रेडिट इत्यादि। मुझ अज्ञानी को दो तथ्य तो समझ में आ गये। पहला, बिजलीContinue reading “कार्बन त्याग के क्रेडिट का दिन”