जय गुरुदेव भण्डारे का निमंत्रण


वे दो लोग मिलने आये आज (अप्रेल 22’14)। जय गुरुदेव के भण्डारे का निमंत्रण देने। भण्डारा मथुरा में है। सो गोरखपुर से वहां जाने का सवाल ही नहीं। वैसे भी जय गुरुदेव के नाम से कोई रेवरेंस नहीं बनती मन में। कौतूहल अवश्य होता है कि कैसे इतनी जबरदस्त फॉलोइंग है। उन दोनो व्यक्तियों कोContinue reading “जय गुरुदेव भण्डारे का निमंत्रण”

गोरखपुर रेलवे कॉलोनी में सवेरे की सैर


सवेरे की सैर का मजा गोरखपुर रेलवे कॉलोनी में उतना तो नहीं, जितना गंगाजी के कछार में है। पर वृक्ष और वनस्पति कछार की रेत, सब्जियों की खेती और चटक सूर्योदय की कुछ तो भरपाई करते है हैं। आजकल फागुन है तो वसन्त में वृक्षों में लदे फूलों की छटा कुछ और ही है। वृक्षContinue reading “गोरखपुर रेलवे कॉलोनी में सवेरे की सैर”

दो बच्चे और बेर


“विशिष्ट व्यक्ति रेस्ट हाउस” के सामने पोलोग्राउण्ड की चारदीवारी के पास बैठे थे वे दोनो बच्चे। आपस में बेर का बंटवारा कर रहे थे। बेर झरबेरी के नहीं, पेंड़ वाले थे। चालीस-पचास रहे होंगे। एक पॉलीथीन की पन्नी में ले कर आये थे।  मैने पूछा – अरे काफी बेर हैं, कहां से लाये?  गुलाबी कमीजContinue reading “दो बच्चे और बेर”

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