उनके जैसे बहुत से लोग जैसा चल रहा है चलने देना चाहते हैं। भले ही लस्टम पस्टम चले, पर लॉकडाउन न होने से नून-रोटी तो चल रही है। उनके जैसे बहुत से लोगों को कोरोना टीके को ले कर भ्रांतियां और पूर्वाग्रह हैं।
Category Archives: Surroundings
कबाड़ कलेक्शन केंद्र
गांव उतना जीवंत नहीं रहा, जितना कल्पना में था। पर फिर भी बेहतर है। बहरहाल कबाड़ बीनक बच्चे, कबाड़ी साइकिल वाले और कबाड़ कलेक्शन केंद्र भविष्य में बढ़ेंगे। अर्थव्यवस्था दहाई के अंक में आगे बढ़ेगी तो कबाड़ तो होगा ही!
उत्तम खेती मध्यम बान; निखिद चाकरी भीख निदान
घाघ केवल गांव में रहने वाले अनाम से जन कवि नहीं थे। वे हुमायूं और अकबर से मिले थे। अकबर ने प्रसन्न हो कर उन्हे कई गांव और चौधरी की उपधि दी थी। उन्होने कन्नौज के पास “अकबराबाद सराय घाघ” नामक गांव बसाया।
