दुनियां में वेब सेंसरशिप बढ़ रही है



फाइनेन्शियल टाइम्स में रिचर्ड वाटर्स का न्यूज आइटम है कि दुनियां में वेब सेंसरशिप बढ़ रही है. तकनीकी विकास का प्रयोग “उल्टी दिशा में प्रगति” हेतु किया जा रहा है.

हार्वर्ड लॉ स्कूल के OpenNet Initiative नामक प्रॉजेक्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है. दस देश – चीन, ईरान, बर्मा,सऊदी अरेबिया, ट्यूनीसीया, उजबेकिस्तान, तुर्की, बेला रूस, थाई लैण्ड व मिश्र व्यापक पैमाने पर वेब-ब्लॉकिन्ग करते हैं. सेंसर्शिप की नयी तकनीकें – जैसे समय-समय पर विकीपेडिया (चीन में) या गूगल ब्लॉगिंग सेवा (पकिस्तान में) पर पूरी ब्लॉकिन्ग; या “की-वर्ड फिल्टरिंग” के आधार पर संदेहास्पद मेटीरियल ट्रैक करना – प्रयोग में लाई जा रही हैं.

इन्टर्नेट का प्रयोग बढाना व उसपर शिकंजा कसना – दोनो के बीच कशमकश तेज हो गयी है.