कोलम्बस और कृष्ण


इन्द्रजी ने अपने ब्लॉग इन्द्राज दृष्टिकोण पर एक बहुत रोचक आख्यान कोलम्बस के सम्बन्ध में बताया है। सन १५०४ में चन्द्र ग्रहण ने कोलम्बस और उसके नाविकों की प्राण रक्षा की थी। वे जमैका के तट पर अटके थे। स्थानीय लोग बहुत विरोध कर रहे थे उनका। खाने की रसद समाप्त हो रही थी। औरContinue reading “कोलम्बस और कृष्ण”