मानस पाठ का निमंत्रण


मानस पाठ अभी भी जवान-बूढ़े सभी को अपने साथ जोड़े हुये है। तुलसीदास जी की इस कालजयी कृति की महिमा कम नहीं हुई है। धर्म, आस्था, सम्बल, मानता-मनौती और अभीष्ट पूरा होने पर ईश्वर स्मरण – सब के लिये रामचरित मानस का सहारा है।

कांग्रेस घास का उन्मूलन कैसे हो?


चाणक्य ने कुशा की जड़ को मठ्ठा पिला कर उसका नाश किया था। चाणक्य ने नंद वंश को भी मठ्ठा पिलाया था। मेरी तो उतनी क्षमता नहीं है। पर अपने घर के सामने की इस गाजर घास का उन्मूलन तो करना ही है।

दूध कलेक्शन सेण्टर और उमा शंकर यादव


उमाकांत जी से 2-3 मिनट की बातचीत मुझे भीषण डिस्टोपियन भाव से ग्रस्त कर देती है। आम आदमी का कोई धरणी-धोरी नहीं है। सरकारें आती-जाती हैं। शिलिर शिलिर परिवर्तन होते हैं। रामराज्य कभी आयेगा? शायद नहीं…

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