गिरीश जी के शोरूम से लौटते समय दो चीजें मेरे मन में छायी रहीं – एक तो गिरीश जी की विनम्रता और सज्जनता (कोई शक नहीं कि वे सफल व्यवसायी हैं), और दूसरे मध्यवर्ग के बारे में मेरा अपना बदला नजरिया।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
सूर्यमणि तिवारी, हर्ष मिश्र और नचिकेता
हर्ष को देख कर मुझे लगा कि कठोप्निषद मात्र काव्य कल्पना नहीं। ऐसा पात्र, ऐसा नायक, हो सकता है।
मोहन बरम
यह परिसर – करीब दो बीघे का क्षेत्र – मोहन बरम (मोहन ब्रह्म) का स्थान है। आसपास के दो-तीन सौ किलोमीटर के इलाके के श्रद्धालुओं की प्रेत बाधा दूर करने, मनौती मानने और मनोकामना पूरी होने पर बरम बाबा को धन्यवाद देने आने वालों का स्थान।
