बढ़नी का जलसा


बढ़नी पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मण्डल का स्टेशन एक है। वहां से नेपाल 150 कदम पर है। पिछले रविवार वहां जाना हुआ। शायद विदेश यात्रा का भी योग था, सो वहीं से पैदल नो-मैंस-लैण्ड डांक कर कृष्णनगर भी हो आया। कृष्णनगर नेपाल के कपिलवस्तु जिले का कस्बा है। बढ़नी का सीमा उस पार ट्विन-कस्बा। इसContinue reading “बढ़नी का जलसा”

स्वच्छ भारत – केले के छिलके और बकरी


स्टेशन था शोहरतगढ़। जगदम्बिका पाल जी दुनियां जहान की रेल सुविधायें मांग रहे थे प्लेटफार्म के एक कोने में। सुनने वाले थे श्री मनोज सिन्हा, रेल राज्य मंत्री। हम लोग – पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, जो उनके साथ विशेष गाड़ी में यात्रा कर रहे थे, पाल जी की डेमॉगागरी निस्पृह भाव सेContinue reading “स्वच्छ भारत – केले के छिलके और बकरी”

"पश्मिन् शॉल वाले”–फेरीवाले


सही मौसम है शॉल की फेरीवालों का। गोरखपुर में तिब्बत बाजार और कलकत्ता बाजार में सामान मिलता है सर्दियों के लिये। स्वेटर, जैकेट, गाउन, शॉल आदि। नेपाली या तिब्बती अपने मोन्गोलॉइड चेहरों का ट्रेडमार्क लिये फ़ेरी लगा कर भी बेचते हैं गर्म कपड़े। आज मैने रिक्शा पर कश्मीरी जवान लोगों को भी शॉल बेचते देखा।Continue reading “"पश्मिन् शॉल वाले”–फेरीवाले”

Design a site like this with WordPress.com
Get started