क्या हाल है रिलीफ का उत्तराखण्ड में?!


वर्षा का दौर थमा है। तात्कालिक राहत का समय पूरा हुआ। अब वहां के जो बाशिन्दे हैं, उत्तराखण्ड के ग्रामीण, उनको बसाने, उनके रोजगार-जीवन यापन पर ध्यान देने का समय है। कुछ की खेती बरबाद हुयी। कुछ के खेत भूस्खलन में नष्ट हुये होंगे। कईयों के मवेशी काल के ग्रास में जा चुके होंगे। कुछContinue reading “क्या हाल है रिलीफ का उत्तराखण्ड में?!”

अशोक कुमार, फ़िल्मिस्तान स्टूडियो और लल्लू बाबू


लल्लू बाबू मैट्रिक की परीक्षा देने के बाद फ़िल्म इण्डस्ट्री में भी हाथ आजमा कर आ चुके हैं। लल्लू बाबू यानी श्री विपिन बिहारी उपाध्याय। उनकी सबसे छोटी बिटिया और मेरी बिटिया जेठानी-देवरानी हैं। उनकी सबसे बड़ी बिटिया मेरे सबसे बड़े साले साहब की पत्नी हैं। एक अन्य बिटिया के पति मेरे फेसबुक के मित्रContinue reading “अशोक कुमार, फ़िल्मिस्तान स्टूडियो और लल्लू बाबू”

बाभन (आधुनिक ऋषि) और मल्लाह का क्लासिक संवाद


आज सवेरे शिवकुटी घाट पर गंगा जी का रह चह लेने मैं सपत्नीक पंहुचा। नदी आज और बढ़ आयी थी। सन २००२ के स्तर के कहीं ज्यादा पार। कल सवेरे की अपेक्षा लगभग डेढ़ हाथ और ऊपर हो गया था गंगाजी का जल। शिवकुटी की कई गलियों में पानी भरने लगा था। मेरे अन्दाज सेContinue reading “बाभन (आधुनिक ऋषि) और मल्लाह का क्लासिक संवाद”

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