मेरे दफ्तर में कॉरीडोर में बैठा मोनू आज कुर्सियाँ बुन रहा है। पुरानी प्लास्टिक के तार की बुनी कुर्सियों की फिर से बुनाई कर रहा है। बताता है कि एक कुर्सी बुनने में दो घण्टे लगते हैं। एक घण्टे में सीट की बुनाई और एक घण्टे में बैक की। दिन भर में तीन से चारContinue reading “कुर्सियाँ बुनने वाला”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
मितावली स्टेशन के जीव
मितावली टुण्डला से अगला स्टेशन है दिल्ली की ओर। यद्यपि यहां से तीन दिशाओं में ट्रेने जाती हैं – दिल्ली, कानपुर और आगरा की ओर, पर तकनीकी रूप से इसे जंक्शन नहीं कहा जा सकता – आगरा की ओर यहां से केवल मालगाड़ियां जाती हैं। छोटा स्टेशन है यह – रेलवे की भाषा में रोडContinue reading “मितावली स्टेशन के जीव”
पी.जी. तेनसिंग की किताब से
पी.जी. तेनसिंग भारतीय प्रशासनिक सेवा के केरल काडर के अधिकारी थे। तिरालीस साल की उम्र में सन् २००६ में कीड़ा काटा तो सरकारी सेवा से एच्छिक सेवानिवृति ले ली। उसके बाद एक मोटर साइकल पर देश भ्रमण किया। फ्रीक मनई! उनके सहकर्मी उनके बारे में कहते थे – दार्शनिक, ढीला पेंच, दारू पीने के लियेContinue reading “पी.जी. तेनसिंग की किताब से”
