लीगल-एथिक्स (Legal Ethics) हीनता


मैं एस जी अब्बास काजमी को बतौर एक अकेले व्यक्ति, या दुराग्रही व्यक्ति (परवर्ट इण्डीवीजुअल) के रूप में नहीं लेता। वे कसाब को बचा ले जायें या नहीं, वह मुद्दा नहीं है (वे न बचा पायें तो शायद सरकार बचाये रखे)। मुद्दा यह है कि कोई व्यक्ति/वकील यह जानते हुये भी उसके पक्ष में गलती/खोटContinue reading “लीगल-एथिक्स (Legal Ethics) हीनता”

यह कैसी देशभक्ति?


एस जी अब्बास काज़मी का इण्टरव्यू जो शीला भट्ट ने लिया है, काफी विस्तृत है। फॉण्ट साइज ८ में भी यह मेरे चार पन्ने का प्रिण्ट-आउट खा गया। पर पूरा पढ़ने पर मेरा ओपीनियन नहीं खा पाया! आप यह इण्टरव्यू रिडिफ पर पढ़ सकते हैं।  ये सज्जन कहते हैं कि ये काफी बोल्ड और एडवेंचरसContinue reading “यह कैसी देशभक्ति?”

कॉनपोर


हम लोग रेल बजट के संदर्भ में एक पावरप्वॉइण्ट प्रेजेण्टेशन बना रहे थे। अचानक याद आया कि बाम्बे-बड़ौदा एण्ड कॉण्टीनेण्टल इण्डियन रेलवे सन १९०९ में कानपुर में दाखिल हुई। स्टेशन बना था कॉनपोर। यह स्टेशन अब कानपुर में हमारे अभियांत्रिक प्रशिक्षण अकादमी का भवन है। सौ साल!। आप इस भवन के फोटो देखें। कानपुरवाले इसContinue reading “कॉनपोर”

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