क्या चुनाव आयोग नव शृजन कर रहा है?


उत्तर प्रदेश में पहले दो चरणों में वोट प्रतिशत गिरा है. यह माना जा रहा है कि यह जनता की उदासीनता के कारण नहीं, बूथ कैप्चरिंग फैक्टर डिस्काउंट करने के कारण है. अगर यह स्वयम-तथ्य (Axiom) सही मान लिया जाये तो जो प्रमेय सिद्ध होता है वह है कि नव शृजन हो रहा है. बिहारContinue reading “क्या चुनाव आयोग नव शृजन कर रहा है?”

विकलांगों को उचित स्थान दें समाज में


भारतीय समाज विकलांगों के प्रति निर्दय है. लंगड़ा, बहरा, अन्धा, पगला, एंचाताना – ये सभी शब्द व्यक्ति की स्थिति कम उसके प्रति उपेक्षा ज्यादा दर्शाते हैं. इसलिये अगर हमारे घर में कोई विकलांग है तो हम उसे समाज की नजरों से बचा कर रखना चाहते हैं – कौन उपेक्षा झेले.. या यह सोचते हैं किContinue reading “विकलांगों को उचित स्थान दें समाज में”

कोंहड़ौरी (वड़ी) बनाने का अनुष्ठान – एक उत्सव


जीवन एक उत्सव है. जीवन में छोटे से छोटा अनुष्ठान इस प्रकार से किया जाए कि उसमें रस आये – यह हमारे समाज की जीवन शैली रही है. इसका उदाहरण मुझे मेरी मां द्वारा वड़ी बनाने की क्रिया में मिला। मैने अपनी मां को कहा कि वो गर्मी के मौसम में, जब सब्जियों की आमदContinue reading “कोंहड़ौरी (वड़ी) बनाने का अनुष्ठान – एक उत्सव”