यह भय कि कहने को कुछ भी न बचेगा?


भय – हाइड्रा का एक क्लिपार्ट ओह, आपको यह भय होता है? ब्लॉगिंग में मुझे होता है। अभी मुझे नौकरी लगभग सात साल से अधिक करनी है। और कई क्षेत्र ऐसे हैं जिनपर मैं कलम नहीं चला सकता। जो क्षेत्र बचता है, उसमें सतत स्तर का लिखा जा सकता है कि लोग पढ़ें? मुझे शंकाContinue reading “यह भय कि कहने को कुछ भी न बचेगा?”

मानस पारायण और तनाव प्रबंधन


रामायण पाठ करती रीता मेरे साथ यात्रा करती मेरी पत्नी रीता की अचानक बुदबुदाती आवाज आती है। लैपटाप में मुंह घुसाये मैं पलट कर देखता हूं तो पाता हूं कि वे अपने पर्स से रामचरित मानस का गुटका निकाल कर पढ़ रही हैं। मैं समझ जाता हूं कि जैसे मैं ब्लॉग लिखने का प्रयोग तनावContinue reading “मानस पारायण और तनाव प्रबंधन”

हिट, फ्लाई स्वेटर, बूचर, शार्प शूटर


ऊपर शीर्षक के शब्द क्या हैं? मेरी पत्नीजी मच्छरों की संख्या बढ़ने पर हिट का प्रयोग करती हैं। महीने में एक आध बार। यह केमिकल स्प्रे सैंकड़ों की संख्या में मच्छर मार डालता है। लीथल केमिकल के कारण यह बहुत प्रिय उपाय नहीं है, पर मच्छरों और तिलचट्टों के लिये हिट का प्रयोग होता है।Continue reading “हिट, फ्लाई स्वेटर, बूचर, शार्प शूटर”

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