#गांवपरधानी; अब होली का रंग चढ़ने लगा है, गांव में!


मुझे पता नहीं कि बुज्जू भांग में रुचि रखते हैं या नहीं। पर उनकी सवेरे सवेरे कही बात मुझे कहीं गुदगुदा गयी! होली आने को है। ऐसे में यह जवान मुझे रेल के विभाग के शीर्ष से गांवपरधानी पर उतार रहा है और मुझे जिताने का जिम्मा ले रहा है। :-D

लालजी यादव का काम कराने का मंत्र – बाभन खाये, लाला पाये


लालजी समाजवादी ब्रिगेड के बढ़े प्रभुत्व के आईकॉन हैं। उनकी तुलना मैंने ‘गणदेवता’ के श्रीहरि पाल से की; पर आज बदलते गांव का जितना सशक्त चरित्र लालजी है; उतना ताराबाबू का छिरू पाल नहीं है।

बखरी वाले लोग


यह गांव अगर एक ‘औसत’ गांव भर ही हो कर रह गया और इसके ढेर सारे लोग बिना कुछ किये या सिर्फ ट्रक ड्राइवरी करते रह गये तो वह इस कारण से कि वे ‘बखरी’ के खासमखास होने के परावर्तित आभामण्डल में इतराते रहे।

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