गायत्रीमंत्र और वह शक्ति हमें दो दयानिधे वाला गायन योगी आदित्यनाथ के अजेण्डे के हिसाब से तो परफेक्ट प्रार्थना है, पर घोसियाँ और इटवा की मुस्लिम बहुल इलाके के स्कूलों में भी यही प्रार्थना होती होगी तो बहुत कुड़बुड़ाते होंगे मुसलमान। आज सवेरे साइकिल भ्रमण पर यह सब दिखा – घुमई की पेंशन आ गयीContinue reading “#आजसवेरे के दृश्य”
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कुनबी का खेत, मचान और करेला
वह अनुभव ज्यादा महत्वपूर्ण था – पूरी तरह एड-हॉक तरीके से गांव की सड़क पर चलते चले जाना। किसी कुनबी के खेत में यूंही हिल जाना। मचान से सोते किसान को उठाना और पपीता खरीदने की मंशा रखते हुये करेला खरीद लेना।
ललही छठ के दिन ढोल ताशा
ये ढोल है और वो ताशा। उसने मुझे इस प्रकार से उत्तर दिया मानो उम्रदराज होने पर भी जनरल नॉलेज में तंग होने वाले व्यक्ति पर उसे आश्चर्य/तरस हो।
