टुन्नू पण्डित के साथ सवेरे की चाय


तरह तरह की बात हुई। उन्होने बताया कि गंगाजी के पांच किलोमीटर दोनो ओर का कॉरीडोर ऑर्गेनिक खेती के लिये डिल्केयर होने की सम्भावना है। वह अगर होता है तो मृदा की सेहत और खेती के पैटर्न के लिये बहुत कुछ सरकारी इनपुट्स मिलेंगे।

ललही छठ के दिन ढोल ताशा


ये ढोल है और वो ताशा। उसने मुझे इस प्रकार से उत्तर दिया मानो उम्रदराज होने पर भी जनरल नॉलेज में तंग होने वाले व्यक्ति पर उसे आश्चर्य/तरस हो।

दांत का कीड़ा झड़वाये अशोक पण्डित


गांव में नहर की बगल में नटों के घर हैं। उनकी औरतें ये कीड़े निकालती हैं। जिस ओर के दांत में दर्द हो, उस ओर के कान में दवा डालती हैं और कान की तरफ सिर झुकाने पर दांत के कीड़े कान से निकलते हैं। कीड़े निकलने के पांच दस मिनट बाद ही आराम हो जाता है।

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