मुराहू पण्डित के साथ साइकिल से गंगा घाट


मंदिर छोटा है, पर पुराना है और अच्छा लगता है। उस मंदिर की चारदीवारी बनाने की कथा भी पण्डित जी ने बतायी। ईंटवाँ के ही फलाने जी का छ क्विण्टल गांजा पकड़ा गया था। उस मामले में बरी होने पर उन फलाने जी ने यह जीर्णोद्धार कराया।

ईंटवाँ गंगा घाट पर नित्य स्नान करने वाला लालचंद


वह एक तौलिया पहने है। हाथ में कचारा हुआ कपड़ा और कांधे पर लुंगी। घर से एक लाठी और तौलिया भर ले कर आता होगा गंगा स्नान के लिये। बाकी, नहाने-सुखाने और कपड़ा कचारने का काम तो गंगा किनारे होता है। उसके पैरों में चप्पल भी नहीं है।

रामनवमी – सीता जी क्या बनाती रही होंगी राम जी के बर्थडे पर?


चौदह साल का वनवास। तेरह रामनवमियाँ तो ठीकठाक बिताई होंगी राम-सीता ने वन में। यूं तो यूपोरियन आदमी जन्मदिन टाइप चोंचले में ज्यादा यकीन नहीं करता, पर सीताजी राम जी के जन्मदिन पर कुछ तो विशेष बनाती ही रही होंगी?

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