रामनवमी – सीता जी क्या बनाती रही होंगी राम जी के बर्थडे पर?


चौदह साल का वनवास। तेरह रामनवमियाँ तो ठीकठाक बिताई होंगी राम-सीता ने वन में। यूं तो यूपोरियन आदमी जन्मदिन टाइप चोंचले में ज्यादा यकीन नहीं करता, पर सीताजी राम जी के जन्मदिन पर कुछ तो विशेष बनाती ही रही होंगी?

महुआ, हिंगुआ और गड़ौली धाम


हिंगुआ का चित्र लेने के लिये मैं घुटनों के बल जमीन पर बैठता हूं। मोबाइल को गिरने से बचाते हुये कठिनाई से चित्र ले पाता हूं। उम्र बढ़ रही है जीडी।
हिंगुआ का चित्र लेने के लिये झुकना – ज्यादा समय नहीं कर पाओगे!

स्मार्टफोन जाओ, साइकिल आओ


उसने मुझे दिखाया था कि साठ रुपये की पुड़िया में दो तीन दिन तक वे तीन चार लोग चिलमानंद मग्न रह सकते थे। वह ‘सात्विक’ आनंद जिसे धर्म की भी स्वीकृति प्राप्त थी। यह सब मैं, अपनी नौकरी के दौरान नहीं देख सकता था।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free