पलाश, सागौन और मध्यप्रदेश के आदिवासी


मैं प्रवीणचन्द्र दुबे जी से हाइब्रिड यूकलिप्टस और हाइब्रिड सागौन के प्लाण्टेशन के बारे में चर्चा करना चाहता था। प्रवीण जी मेरे सम्बन्धी हैं। उज्जैन सर्किल के मुख्य वन अधिकारी ( Chief Conservator of Forests) हैं। उससे भी अधिक; विद्वान और अत्यन्त सज्जन व्यक्ति हैं। उनकी विद्वता और सज्जनता मुझे सम्बन्धी होने से कहीं ज्यादाContinue reading “पलाश, सागौन और मध्यप्रदेश के आदिवासी”

गोल्फार के सफाई वाले


शनीवार का सवेरा। दस बज गया था पर धूप नहीं निकली थी। रात में कोहरा नहीं था, पर धुन्ध बनी हुई थी। यकीन इस लिये भी था कि स्मार्टफोन का एप्प भी मिस्ट बता रहा था। कोई काम न हो और मन में उलझन हो, तो सैर पर निकल जाने से बेहतर कुछ नहीं। मैनेContinue reading “गोल्फार के सफाई वाले”

डोमिनगढ़


किसी स्थान के बारे में मैं अगर सोचूं कि अनूठे कोण से लिख सकता हूं, तो वह गंगा के कछार के अलावा सम्भव नहीं। वहां मेरे साथ कोई सरकारी अमला नहीं होता था। ज्यादातर मैं कुरता पायजामा में होता था। या फ़िर जींस का पैण्ट। वहां के केवट, सब्जी उगाने वाले, मछेरे, ऊंट वाले याContinue reading “डोमिनगढ़”

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