विश्वनाथ दम्पति कैलीफोर्निया में अपने नाती के साथ


गोपालकृष्ण विश्वनाथ मेरे बिट्स, पिलानी के सीनियर हैं और मेरे ब्लॉग के अतिथि ब्लॉगर। पिछली बार मैने पोस्ट लिखी थी अक्तूबर 2012 में कि वे नाना बने हैं। अभी कुछ दिन पहले उनका ई-मेल आया कि वे इस समय कैलीफोर्निया में हैं। उनकी बेटी-दामाद दिन भर अपने काम से बाहर रहते हैं और उनकी पत्नीContinue reading “विश्वनाथ दम्पति कैलीफोर्निया में अपने नाती के साथ”

गोधर कोलियरी – अण्डरग्राउण्ड खदान


धनबाद के पास स्टेशन है कुसुण्डा। वहां कई कोयला खदानें हैं। ओपन-कास्ट भी और अण्डरग्राउण्ड भी। मैं वहां खदान देखने नहीं, रेलवे के वैगनों में लदान देखने गया था। पिछले तीन चार दिन तेज बारिश होती रही थी। खनन का काम बहुत नहीं हो पाया था। इस लिये लदान का काम धीमा था। बहुत जगहContinue reading “गोधर कोलियरी – अण्डरग्राउण्ड खदान”

शैलेश का उत्तराखण्ड के लिये प्रस्थान


अगर इस देश की आत्मा है; तो उसका स्पन्दन महसूस करने वाले लोग शैलेश पाण्डेय जैसे होंगे! कल दोपहर में मैं इलाहाबाद रेलवे स्टेशन गया। शैलेश पाण्डेय ने कहा था कि वे उत्तराखण्ड जा रहे हैं, सो उनसे मिलने की इच्छा थी। 25 जून को शाम संगम एक्प्रेस पकड़ने का कार्यक्रम था उनका। मैने अपनेContinue reading “शैलेश का उत्तराखण्ड के लिये प्रस्थान”

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