डोमिनगढ़


किसी स्थान के बारे में मैं अगर सोचूं कि अनूठे कोण से लिख सकता हूं, तो वह गंगा के कछार के अलावा सम्भव नहीं। वहां मेरे साथ कोई सरकारी अमला नहीं होता था। ज्यादातर मैं कुरता पायजामा में होता था। या फ़िर जींस का पैण्ट। वहां के केवट, सब्जी उगाने वाले, मछेरे, ऊंट वाले याContinue reading “डोमिनगढ़”

सिनेमा संगीत का विस्तृत शास्त्रीय अध्ययन – श्री कन्हैयालाल पाण्डेय


श्री कन्हैयालाल पाण्डेय। वे कुछ समय पहले तक रेलवे मेँ अतिरिक्त सदस्य (वाणिज्य) थे। अब रेलवे से सेवा निवृति ले कर यहां गोरखपुर में रेल दावा ट्रिब्यूनल में सदस्य (तकनीकी) बने हैं। कल वे मेरे चेम्बर में पधारे। उनकी ख्याति जितनी रेलवे में है, उससे कहीं ज्यादा फिल्म संगीत के अध्ययन के क्षेत्र में है।Continue reading “सिनेमा संगीत का विस्तृत शास्त्रीय अध्ययन – श्री कन्हैयालाल पाण्डेय”

शैलेश पाण्डेय – वाराणसी से नागालैण्ड यात्रा विवरण – 6 #ALAKH2011


नागालैण्ड के मोकोकशुंग जिले के उंग्मा गांव में एक दिन दो रात व्यतीत कर शैलेश ने वापसी की यात्रा प्रारम्भ की। वापसी में व्यथित मन। यात्रा के दौरान मुझे प्रश्न पूछने पड़ रहे थे। वापसी में मन भरा होने के कारण शैलेश के शब्द स्वत: निकल रहे थे ह्वाट्सएप्प पर :- नवम्बर’17; 2014 भैया मैंContinue reading “शैलेश पाण्डेय – वाराणसी से नागालैण्ड यात्रा विवरण – 6 #ALAKH2011”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free