आलू कहां गया?


भाई लोग गुटबाजी को ले कर परेशान हैं और मैं आलू को ले कर। इस साल कानपुर-फर्रुखाबाद-आगरा पट्टी में बम्पर फसल हुई थी आलू की। सामान्यत: १०० लाख टन से बढ़ कर १४० लाख टन की। सारे उत्तर प्रदेश के कोल्ड-स्टोरेज फुल थे। आस पास के राज्यों से भी कोल्ड-स्टोरेज क्षमता की दरकार थी इसContinue reading “आलू कहां गया?”

शुगर फ्री सच की दरकार


सच बोलो; मीठा बोलो। बहुत सच बोला जाना लगा है। उदात्त सोच के लोग हैं। सच ठेले दे रहे हैं। वही सच दे रहे हैं जो उन्हें प्रिय हो। खूब मीठे की सरिता बह रही है। करुणा भी है तो मधु युक्त। डायबिटीज बढ़ती जा रही है देश में। शुगर फ्री ज्यादा बुद्धिवादी सच ठिलाContinue reading “शुगर फ्री सच की दरकार”

दुर्योधन इस युग में आया तो विजयी होगा क्या?


शिवकुमार मिश्र की नयी दुर्योधन की डायरी वाली पोस्ट कल से परेशान कर रही है। और बहुत से टिप्पणी करने वालों ने वही प्रतिध्वनित भी किया है। दुर्योधन वर्तमान युग के हिसाब से घटनाओं का जो विश्लेषण कर रहा है और जो रिस्पॉन्स की सम्भावनायें प्रस्तुत कर रहा है – उसके अनुसार पाण्डव कूटनीति मेंContinue reading “दुर्योधन इस युग में आया तो विजयी होगा क्या?”

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