हरी ऊर्जा क्रान्ति, भारत और चीन


बाजू में मैने मेकेंजी क्वाटर्ली (McKinsey Quarterly)  की लेखों की विजेट लगा रखी है। पता नहीं आप में से कितने उसे देख कर उसके लेखों को पढ़ते हैं। मैं बहुधा उसके लेखों को हार्ड कापी में निकाल कर फुर्सत से पढ़ता हूं। इसमें भारत और चीन विषयक लेख भी होते हैं। भारत प्रगति कर रहाContinue reading “हरी ऊर्जा क्रान्ति, भारत और चीन”

हरा बैंगळुरू; भरा बैंगळुरू


विकास के पथ पर पेड़ो का अर्ध्य सबसे पहले चढ़ता है पर बेंगळुरु में हरियाली का आदर सदैव ही किया जाता रहा है। गूगल मैप पर देखिये तो शहर हरा भी दिखायी पड़ेगा और भरा भी। सड़कों के किनारे वृक्ष अपने अन्दर कई दशकों का इतिहास समेटे शान से खड़े हैं। बरगद के पेड़ों कीContinue reading “हरा बैंगळुरू; भरा बैंगळुरू”

बैटरी वाली लालटेन


शाम के समय घर आते आते कम से कम सवा सात तो बज ही जाते हैं। अंधेरा हो जाता है। घर आते ही मैरी पत्नीजी और मैं गंगा तट पर जाते हैं। अंधेरे पक्ष में तट पर कुछ दीखता नहीं। कभी दूर के तट पर कोई लुक्की बारता प्रतीत होता है। शायद टापुओं पर दिनContinue reading “बैटरी वाली लालटेन”

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