नर्मदा दंड परिक्रमा : अध्याय 1


बलिया पेसेंजर से बरगी के ड्रेगन तक अप्रेल 2026 — यात्रा का पहला महीना यात्रा का प्रारम्भ — कटका स्टेशन — पैसेंजर ट्रेन में गुजरते प्रेमसागर सवेरे फोन आया तो प्रेमसागर की ट्रेन बनारस सिटी में खड़ी थी। उन्होंने बताया कि वे प्रयाग जा रहे हैं, वहाँ से चित्रकूट जाएंगे। किसी चंदन की लकड़ी काContinue reading “नर्मदा दंड परिक्रमा : अध्याय 1”

दो साइकिलों की कहानी


बटोही ने पहले गाँव-देहात दिखाया। दस किलोमीटर की परिधि में — शरबतखानी से जगतानंद धाम, पचेवरा से गिर्दबड़गांव — सब उसके साथ नापा। वह अब भी नाप सकती है। पर मेरे घुटने अब उतनी मेहनत की इजाज़त नहीं देते। इसीलिये ईबटोही आई। बटोही अब दूसरे रोल में है। रोज़ चालीस-साठ मिनट घर-परिसर में गोल-गोल चक्कर।Continue reading “दो साइकिलों की कहानी”

प्रेमसागर की दंड नर्मदा परिक्रमा के छाले


नियमित लिखना नहीं हो रहा, पर प्रेमसागर फोन कर या ह्वाट्सएप्प कर बता देतें है अपनी दंड यात्रा का हाल। घाघा से आगे निकल चुके हैं। सहस्त्रधारा पीछे छूट गई है। किसी अहमदपुर में वन विभाग के रेस्ट हाउस में शाम गुजार रहे थे। वन विभाग के डिप्टी साहब साथ में थे। नर्मदा माई कीContinue reading “प्रेमसागर की दंड नर्मदा परिक्रमा के छाले”

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