बांयी ओर ओसारे में महिलायें तैनात थींं कि मंत्रोच्चार शुरू हो तो उनकी गारी का गायन प्रारम्भ हो।
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जिंदगी तिलकही अटेण्ड करने, भोजन पर लगाम रखने और “आदतें” सुधारने में ही लगानी है। वही कर रहा हूं। आपको भी देर सबेर वही करना होगा!
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मुझे चाय की चट्टी थामनी चाहिये
कई महीनों बाद कटका स्टेशन की ओर निकला। देखा कि स्टेशन रोड पर एक नयी चाय की दुकान आ गयी है। दुकान पर पालथी मारे एक सांवला सा नौजवान, माथे पर त्रिपुण्ड लगाये विराजमान है। भट्टी दहक रही है। पर्याप्त मात्रा में जलेबी छन चुकी है…
सोनू से सौदा – गड़ौली धाम
बलराम और संदीप कर्मचारी जैसा व्यवहार करते हैं पर सोनू, तीसरी दर्जा पास, छटपट (स्मार्ट) है। वह निर्णय लेने का ‘जोखिम’ उठाता है। मुझसे मेरे बारे में, मेरे खींचे चित्रों के बारे में, मेरे लिखने के बारे में सवाल करता है।
