प्रेमसागर – एक और दिन अलीराजपुर में


वैसे सर्दी बढ़ रही है – उस इलाके में भी। सवेरे के उनके चित्रों में लोग गरम कपड़े लिये दिखते हैं। शायद प्रेमसागर ने तड़के निकल पड़ने में अपने वस्त्रों और सर्दी का ध्यान नहीं रखा। तभी हरारत या बुखार हुआ होगा।

स्टेटस – प्रेमसागर अलीराजपुर में


माहेश्वर से मनावर, कुक्षी और फिर अलीराजपुर। कुल 130 किलोमीटर की यात्रा उन्होने तीन दिनों में सम्पन्न की है। इन तीन दिनों का विवरण – ट्रेवलब्लॉग (Travelblog) मैं सप्ताहांत में प्रस्तुत करूंगा। अब दैनिक पोस्टें, सवेरे इग्यारह बजे, स्टेटस के रूप में होंगी।

सहस्त्रार्जुन की राजधानी माहिष्मती (माहेश्वर)


लम्बी चौड़ी योजना बनाने वाला (पढ़ें – मेरे जैसा व्यक्ति) यात्रा पर नहीं निकलता। यात्रा पर प्रेमसागर जैसा व्यक्ति निकलता है जो मन बनने पर निकल पड़ता है। सो, प्रेमसागर मन बनने के साथ ही आगे की लम्बी यात्रा पर निकल पड़ेंगे।

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