भोजपुर पंहुचे प्रेमसागर


नामदेव जी के घर सत्कार, जय प्रकाश जी के दफ्तर में लोगों द्वारा सेवा और भोजेश्वर मंदिर के महंत जी से मुलाकात – यह सब उपलब्धि ही है। महादेव का कठिन पदयात्रा के दौरान उत्साह बढ़ाने को दिया प्रोत्साहन। चले चलो प्रेमसागर! हर हर महादेव का जयकारा लगाते चले चलो!

बाड़ी से बिनेका


रास्ता मैं यह बालक
हमको आते देखा तो दौड़ कर
हमको रोका और पानी पिलाया। और 8 अमरूद लाया
और बोला कि बाबा रास्ता में कोई गांव नहीं मिलेगा आप खा लीजिएगा।
महादेव जी उस बालक को लंबी उमर,
विद्या और बुद्धि दे। यही आशीर्वाद बच्चा को दिए हैं हम।

बरेली से बाड़ी, हिंगलाज माता और रामदरबार


आज की यात्रा के शिव-तत्व-दर्शन में दूसरी घटना प्रेम सागर त्रिपाठी जी से मिलना बताते हैं। त्रिपाठी जी ने उन्हें दो चुनरी, श्रीफल, सेब और केले और दुर्गा सप्तशती की एक पुस्तक उपहार में दी और ढेर सारा आशीर्वाद दिया यात्रा के लिये।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free