प्रेम सागर के घर वाले कैसे लेते हैं पदयात्रा को?


कोई व्यक्ति, 10-15 हजार किलोमीटर की भारत यात्रा, वह भी नंगे पैर और तीन सेट धोती कुरता में करने की ठान ले और पत्नी/परिवार की सॉलिड बैकिंग की फिक्र न करे – यह मेरी कल्पना से परे है। मैं तो छोटी यात्रा भी अपनी पत्नीजी के बिना करने में झिझकता हूं।

प्रेम कांवरिया – पैर छिले हैं। विश्राम। रींवा।


डाक्टर नें पंद्रह दिन की दवायें भी उन्हें फ्री में दीं। उन्हें पैदल चलने का एक अनुशासन बताया। उत्तरोत्तर बढ़ाते हुये। प्रेम सागर ने वही किया। और अब चलने की धुन इतनी हो गयी है कि 12 ज्योतिर्लिंग पदयात्रा कर रहे हैंं!

सुधीर जी की सहायता, प्रेम कांवरिया को मिला फीचर फोन


दस किलोमीटर आगे चलने पर शिवजी की कृपा से रात गुजारने का चहुचक इंतजाम रहा। कार्तिक नायक जी को अजीब लगा कि इतना चलने वाला व्यक्ति इतना अल्प भोजन करता है।

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