महादेव! प्रेम जी, कांवर पदयात्री का विश्राम लहा हनुमना वन रेस्टहाउस में


यह नहीं सोचा था कि शंकर भगवान अपने भक्त का कस जरूर निकालते हैं, पर कभी कभी उसके लिये व्यवस्था भी अनूठी कर देते हैं।
यह सब अगर महादेव भगवान प्रेरित मिरेकल माना जाये तो यह विश्वास हो जाता है कि शंकर जी से बड़ा कोई ‘कलाकार’ देव, देवाधिदेव हईये नहीं!

प्रेम कांवरिया जी आज मध्यप्रदेश में प्रवेश कर जायेंगे


शिव भक्त होते ही हाफ मैण्टल हैं। वे ही इतना जुनून भरा काम कर सकते हैं। बाकी लोग तो जोड़-बाकी, किंतु-परंतु करने में ही अटक जाते हैं। और प्रेम जी जैसों के लिये शिव जी ब्रह्मा का लिखा भी उलट देते हैं।

प्रेम जी, द्वादश ज्योतिर्लिंग के पदयात्री मेरे घर पर


प्रेम पाण्डेय जी का अनुमान है कि द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन वाहन या ट्रेन द्वारा किये जाने के अनेक उदाहरण हैं, पर शायद पद यात्रा का उदाहरण नहीं है। महादेव की कृपा रही तो उनका यह संकल्प पूरा होगा।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free