प्राकृतिक संसाधनों की नोच खसोट गांव का चरित्र बनता जा रहा है #गांवकाचिठ्ठा


शहरों का जो स्वरूप है, सो है। गांवदेहात में पैसा कम है, प्रकृति प्रचुर है। तो प्रकृति को ही बेच कर पैसा बनाने की कवायद (जोरशोर से) हो रही है।

गोविंद पटेल ने लॉकडाउन में सीखा मछली पकड़ना #गांवकाचिठ्ठा


लॉकडाउन काल में, जब लोग आजीविका के व्यवधान के कारण दाल और तरकारी के मद में जबरदस्त कटौती कर रहे हैं; तब रोज चार घण्टा गंगा किनारे 2-4 किलो मछली पकड़ लेना बहुत सही स्ट्रेटेजी है लॉकडाउन की कठिनाई से पार पाने की।

मनरेगा @ लॉकडाउन #गांवकाचिठ्ठा


जब आप गरीबी देखें; उसकी परतें खोलने की कोशिश करें, तो जी घबराने लगता है। दशा इतनी ह्यूमंगस लगती है, इतनी विकराल कि आप को लगता है आप कुछ कर ही नहीं सकते।

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