जातियों में बंटी औरतें


गांवदेहात डायरी यहां गांवदेहात में गांव कई हिस्सों में बंटा है—ब्राह्मण, केवट, पासी और चमरउट। इनके पुरुष अलग-अलग व्यवसाय में हैं और महिलाओं का जीवन भी अलग-अलग तरह से चलता दिखता है। मैं इन्हें हाशिये से देखता हूं; बहुत-सी बातें पत्नीजी से सुनकर समझता हूं। हर हिस्से में महिलाओं की स्वतंत्रता, उनके काम और घर-समाजContinue reading “जातियों में बंटी औरतें”

पार्वती मांझी


गांवदेहात की पार्वती न केवल खुद अपने पैरों पर खड़ी है, वरन अपने साथ 5-6 अन्य को भी रोजगार दिला रही है। क्या खूब बात है! हेलो प्रधानमंत्री जी; आर यू लिसनिंग!

घासफूस बीनना, फिर घर के काम; जिंदगी कठिन है!


दलित बस्ती की महिलायें; अर्थव्यवस्था के अंतिम छोर पर रहती और घासफूस बीन कर खाना बनाने का ईंधन और सर्दी से बचने का इंतजाम करती महिलायें; उन्हे भी मोदी नाम का नेता पता है जो शायद उनके बारे में सोच सकता है। मुझे लगा कि मोदी की सबसे बड़ी राजनैतिक ताकत तो यह बन गयी है!

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