पंकज अवधिया मेरे ब्लॉग के नियमित पाठक हैं। मैं भी इनका ब्लॉग मेरी कविता नियमित पढ़ता हूं। इनका वनस्पति और पर्यावरण के प्रति जुनूनी प्रेम मुझे बहुत आकर्षित भी करता है और अपने अज्ञान पर मुझे संकुचित भी करता है। अपनी टिप्पणियों में मेरी नींद, वजन, पैरों में दर्द तथा मेरी पत्नी के आधासीसी सिरदर्दContinue reading “हर्रा या हरड़ – एक चमत्कारिक वनौषधि”
Monthly Archives: Nov 2007
कहाँ से कसवाये हो जी!
साइकल ऑफ-द-शेल्फ मिलने वाला उत्पाद नहीं है। आप दुकान पर बाइसाइकल खरीदते हैं। उसके एक्सेसरीज पर सहमति जताते हैं। उसके बाद उसके पुर्जे कसे जाते हैं। नयी साइकल ले कर आप निकलते हैं तो मित्र गण उसे देख कर पूछते हैं – ‘नयी है! कहाँ से कसवाये भाई!?’। नयी चीज, नया प्रकरण या नया माहौलContinue reading “कहाँ से कसवाये हो जी!”
$2500 की कार भारत में ही सम्भव है!(?)
टाटा की लखटकिया कार कैसे सम्भव है? दुनियाँ के किसी और हिस्से से ऐसी सस्ती कार की बात नहीं आयी। टाटा की बात को भी काफी समय तक अविश्वास से लिया गया। यह तो अब है कि समझा जा रहा है कि भले एक लाख में न हो, सवा लाख में तो कार मिलने लगेगी।Continue reading “$2500 की कार भारत में ही सम्भव है!(?)”
