गड़ही, बेलपत्ता और बाबा विश्वनाथ


सवेरे वे बच्चे गड़ही के पानी में गीला कर रहे हैं गठ्ठर। उसके बाद उनकी माँ यह ले कर बनारस जाएगी। गदौलिया में बाबा विश्वनाथ मंदिर के पास बेलपत्ता की सट्टी लगती है। वहां बेच कर वो वापस लौटती है।

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