नीलगाय ने रास्ता काटा

बिल्ली रास्ता काटती है तो अपशगुन होता है। गांवदेहात में नीलगाय के रास्ता काटने पर कोई शगुनापशगुन का निर्णय नहीं किया गया।


वह नीलगाय नहीं, नीलसांड़ (blue bull) था। उसकी झुण्ड में औकात के हिसाब से दाढ़ी भी थी। बड़ा और भय उत्पादक शरीर था उसका। कद्दावर। सींग जरूर उसके कुछ छोटे थे। अभी अभी जवान हुआ होगा।

सड़क के दोनो ओर के खेतों में गेंहूं की फसल कट चुकी थी। कल दिन में बारिश और ओले पड़े थे, इसलिये किसानों ने कटाई के बाद गठ्ठर नहीं बनाये थे। सूखने के लिये बालें फैली छोड़ दी थीं खेत में। नीलगाय वही चर रहा था निर्द्वन्द्व।

मैं सोच रहा था कि वह दायें वाले खेत में ही चरेगा और साइकिल से चलता निकल जाऊंगा; पर उसने अचानक मेरे सामने से सड़क पार करने की सोच ली।

Continue reading “नीलगाय ने रास्ता काटा”