गंगा तट की सुनहरी शाम और सुरती शेयर का समाजवाद – कोविड19


सुरती, दारू की तरह बहुत सामाजिक टाइप की चीज है। अजनबी व्यक्ति भी सुरती फटकने वाले के पास खिंचा चला आता है। वह निसंकोच सुरती मांग लेता है और देने वाला सहर्ष देता भी है।