यात्रायें, यादें और कोविड19 – रीता पाण्डेय


भरतपुर में मालगाड़ी को सिगनल मिल गया था। वह हिलने लगी तब स्टेशन मास्टर साहब दौडते हुये आये और अपने घर से बनी चाय और पेपर कप हमें थमा दिये। हिलते ब्रेकवान में खड़े खड़े हमने गार्ड साहब से शेयर करते चाय पी। … मेरे और मेरे बच्चों के लिये यह यादगार अनुभव था।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free