प्रेमसागर अपने जीवन की सार्थकता तलाश रहे हैं। उसी की तलाश में चलते चले जा रहे हैं। पर यह सार्थकता तलाशते तलाशते किसी मुकाम पर सफलता और शोहरत न तलाशने लग जायें – इसका मुझे भय है।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
उठो; चलो भाई!
यह एक पुरानी पोस्ट है – बारह जनवरी 2013 की। मैं अस्पताल में भर्ती था। शरीर इण्ट्रावेनस इंजेक्शनों से एण्टीबायोटिक अनवरत भरने की प्रक्रिया से छलनी था। पर उस समय भी मन यात्रा की सोच रहा था।
कुण्डम से जबलपुर – वृहन्नलाओं का आशीष पाये प्रेमसागर
वृहन्नलाओं में सबसे उम्रदराज प्रेमसागर के सिर पर हाथ रख आशीष दे रहा था। भारत में कोई बड़ा काम हो, बच्चा जन्मे या किसी का विवाह हो और हिंजड़े गुणगान कर आशीष दें; वह शुभ माना जाता है।
