सुग्गी के मास्क #ग्रामचरित


मेहनती है सुग्गी। घर का काम करती है। खेती किसानी भी ज्यादातर वही देखती है। क्या बोना है, क्या खाद देना है, कटाई के लिये किस किस से सहायता लेनी है, खलिहान में कैसे कैसे काम सफराना है और आधा आधा कैसे बांटना है – यह सब सुग्गी तय करती है।

महाभारत : कच, संजीवनी और शुक्राचार्य का मदिरा पर कथन


कल उमड़ी भीड़ वाले मदिरा-साधकगण शुक्राचार्य की बात पर ध्यान देंगे या नहीं, कहना कठिन है। धर्मग्रंथों की निषेधाज्ञा को आजकल वर्जनातोड़क “प्रबुद्ध” जनता जूते की नोक पर रख कर चलती है!

गांवदेहात में नजदीक आता कोरोनावायरस और बढ़ता तनाव


कोरोना फैलाव से तनाव बढ़ रहा है तो वह जातिगत सम्बंधों में दिखने लगा है। जाति समीकरण भंगुर प्रतीत होते हैं। मनरेगा में भी एक जाति वाले दूसरी जातियों से सोशल डिस्टेंस बना कर काम कर रहे हैं।

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