अधिकांश कांवरिये समूह में थे। वह अकेला चला जा रहा था सवेरे सवा छ बजे। अपनी धुन में। उसके पास रंगबिरंगी कांवर भी नहीं थी। एक रस्सी से दो छोटे प्लास्टिक के जरीकेन लटकाये था कांधे पर। एक आगे और एक पीछे। कपड़े – एक शंकरजी के छापे वाला टी–शर्ट और नेकर, केसरिया रंग में,Continue reading “रामप्रसाद दूबे, कांवरिया”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
पाब्लो नरूदा (?) की कविता का अनुवाद – रिटायर्ड व्यक्ति के लिए
नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा की कविता “You Start Dying Slowly” का हिन्दी अनुवाद… आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप : करते नहीं कोई यात्रा, पढ़ते नहीं कोई किताब, सुनते नहीं जीवन की ध्वनियाँ, करते नहीं किसी की तारीफ़। आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, जब आप : मार डालते हैं अपना स्वाभिमान,Continue reading “पाब्लो नरूदा (?) की कविता का अनुवाद – रिटायर्ड व्यक्ति के लिए “
अगियाबीर के रघुनाथ पांड़े जी
रघुनाथ पांड़े जी नब्बे से ऊपर के हैं। पर सभी इन्द्रियां, सभी फ़ेकल्टीज़ चाक चौबन्द। थोड़ा ऊंचा सुनते हैं पर फ़िर भी उनसे सम्प्रेषण में तकलीफ़ नहीं है। ऐसा प्रतीत नहीं होता कि उन्हे अतीत या वर्तमान की मेमोरी में कोई लटपटाहट हो। जैसा उनका स्वास्थ है उन्हे सरलता से सौ पार करना चाहिये।सरल जीवन।Continue reading “अगियाबीर के रघुनाथ पांड़े जी”
