काक्रोचित अनुकूलन की दरकार


धरती का वातावरण पलट रहा है। गर्मियां आते ही ग्लोबल वार्मिंग का मन्त्रोच्चार प्रारम्भ हो जाता है। किसी दिन ग्रिड बैठ जाये तो यह मन्त्रोच्चार और भी नादमय हो जाता है। सर्दियों के आगमन पर निकट भविष्य में हिम युग आने की बात पढ़ने में आती है। गंगा मर रही हैं। एक पूरी पीढ़ी देवContinue reading “काक्रोचित अनुकूलन की दरकार”

वर्तमान भारत की छ: विनाशक गलतियां


भारत का राष्ट्र ध्वज नानी पालकीवाला को आप पढ़ें तो वे कई स्थानों पर कहते नजर आते हैं कि वयस्क मताधिकार को संविधान में स्वीकार कर भारत ने बहुत बड़ी गलती की। और नानी जो भी कहते हैं उसे यूं ही समझ कर नहीं उड़ाया जा सकता। नानी पालकीवाला के एक लेख का संक्षेप प्रस्तुतContinue reading “वर्तमान भारत की छ: विनाशक गलतियां”

थोड़ा HTML तो जानना होगा ब्लॉगिंग के लिए


मेरी HTML सम्बन्धित पोस्ट पर पाठकों की टिप्पणियां हैं, कि: हमें तो HTML की बेसिक जानकारी नहीं है। यह तकनीकी बात तो सिर से निकल गयी। देखते हैं, कोशिश करते हैं, बाकी अपना फील्ड नहीं है यह! मान गए हजूर कि आप फ़ुल्टू तकनीकी हो, अपन के पल्ले तो पड़ता नई ये सब! आप अपनेContinue reading “थोड़ा HTML तो जानना होगा ब्लॉगिंग के लिए”

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