सही मायने में वानप्रस्थ का अनुभव तो मैने किया ही नहीं। अभी भी राजसिक वृत्ति पीछा नहीं छोड़ती। लोगों, विचारों और परिस्थितियों की सतत तुलना करने और एक को बेहतर, दूसरे को निकृष्ट मानने-देखने की आदत जीवन से माधुर्य चूस लेती है।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
गठिया हो गया है मानसून को
उत्तरोत्तर मानसून का गठिया उसकी चाल को और ठस बना देगा। मेरी जिंदगी के दौरान ही उसकी हालत आईसीयू में भर्ती बूढे जैसी हो जायेगी। गठिया उसे इममोबाइल और अंतत: मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर का मरीज बना देगी।
कालभैरव के भगत जीतेंद्र
वे सज्जन बनारस में प्रधानमंत्री जी के आज भी होने की बात कर रहे थे। उनके अनुसार मोदी जब भी आते हैं, तीन दिन रुक जाते हैं। उनके चक्कर में शहर का कामधाम बंद हो जाता है। बाजार के सेठ भी कहते हैं कि बिक्री कम होती है।
