काली कोयल, जिसे स्त्रीलिंग का सम्बोधन भारतीय साहित्य में मिलता है, वह असल में नर कोयल है। मादा कोयल तो यह भूरी, चितकबरी पक्षी है। बेचारी! इसका उल्लेख किसी ने न किया। साहित्यकारों का ऑब्जर्वेशन और सौंदर्यबोध अजीब ही है।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
चिन्ना पाण्डे का अध्ययन – भूतॉनिक्स
“बाबा, भूतों को भी सस्टेनेंस के लिये कुछ तो ऑक्सीजन चाहिये। ज्यादा नहीं, एटमॉस्फीयर में पांच परसेंट ऑक्सीजन हो तो भी भूत रह सकते हैं। उन्हें जिंदा नहीं रहना होता, केवल होना होता है। वे तो मरने के बाद ही भूत बनते हैं, न!”
रात भर डीजे बजेगा – लवण्डिया लंदन से …
हम घर में सो रहे होंगे तभी बैंड बाजा और आतिशबाजी शुरू होगी। रात भर डीजे बजता रहेगा। भोजपुरी श्लीलाश्लील गाने बजेंगे। अरहर के खेत की रास लीला की चर्चा वाला गीत बार बार बजेगा। यह वाला गाना भी बार बार आयेगा – लवण्डिया लंदन से लायेंगे, रात भर डीजे बजायेंगे।
