प्रेमसागर को क्या करना चाहिये? मेरे ख्याल से प्रेमसागर को लंबी यात्राओं की परिकल्पना करने की बजाय अपनी गांव की दिनचर्या कुछ इस प्रकार की बनानी चाहिये जिसमें धर्म, आस्था और यायावरी सब सध जाती हो।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
चक्रीय ताल की दिनचर्या
आगे के जीवन के बारे में नजरिया बदला लगता है। पहले जीवन की दीर्घायु के लक्ष धुंधले लगते थे; अब उनमें स्पष्टता आती जा रही है। नकारात्मकता को चिमटी से पकड़ कर बाहर निकालने की इच्छा-शक्ति प्रबल होती जा रही है।
भोर में घर परिसर में साइकिल चलाना
एक कव्वा, शायद कव्वी; सिर झुकाये थी और दूसरा कव्वा उसकी कंघी कर रहा था। चोंच को उसके सिर और गर्दन पर फेर रहा था – बिल्कुल बालों में कंघी करने की मुद्रा में। एक दो बार ही नहीं करीब पांच मिनट तक वह करता रहा।
