इंदौर में और फिर चोरल की ओर


आज सवेरे पांच बजे प्रेमसागर चोरल के लिये रवाना हुये। चोरल इंदौर के अतिथि गृह से 36 किलोमीटर दूरी पर है। शुरू के बाईस-चौबीस किलोमीटर मालवा के पठार पर हैं। उसके बाद नर्मदा घाटी प्रारम्भ होती है।

लता और प्रदीप ओझा


होशंगाबाद से लौटते समय मेरे पास एक काम था – प्रदीप ओझा के घर जाना। प्रदीप भोपाल रेल मण्डल में वरिष्ठ मण्डल परिचालन प्रबन्धक हैं। जब मैं उत्तर-मध्य रेलवे में मालगाड़ी परिचालन का कार्य देखता था, तो प्रदीप इलाहाबाद मण्डल के वरिठ मण्डल परिचालन प्रबन्धक हुआ करते थे। वे एक ऐसे अफसर हैं जो सोते-जागतेContinue reading “लता और प्रदीप ओझा”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free