जन प्रतिनिधि


लगभग दो दशक की बात है – मालवा, मध्यप्रदेश में एक सांसद महोदय मेघनगर में राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग करते हुये कह रहे थे – बेचारे “गरीब आदिवासी जनों के लिये” मेघनगर में राजधानी एक्सप्रेस रुकनी चाहिये। मेघनगर में अगर राजधानी एक्स्प्रेस रुकती तो वहां चढ़ने-उतरने वाले वही भर होते। वही गरीब आदिवासीContinue reading “जन प्रतिनिधि”

रेल मोटर ट्रॉली/ पुश ट्रॉली


कुछ दिन पहले मैने मोटर ट्रॉली का चित्र फेसबुक पर लगाया था तो अनेक प्रश्न और जिज्ञासायें आयीं। लोग समझते थे कि ट्रॉली वह होती है, जिसे चार ट्रॉली-मैन धकेलते हैं। मोटर ट्रॉली नये प्रकार की चीज लगी उन्हें। मैने कहा था, वहां फेसबुक पर, कि मैं मोटर ट्रॉली पर एक ब्लॉग पोस्ट लिखने काContinue reading “रेल मोटर ट्रॉली/ पुश ट्रॉली”

लता और प्रदीप ओझा


होशंगाबाद से लौटते समय मेरे पास एक काम था – प्रदीप ओझा के घर जाना। प्रदीप भोपाल रेल मण्डल में वरिष्ठ मण्डल परिचालन प्रबन्धक हैं। जब मैं उत्तर-मध्य रेलवे में मालगाड़ी परिचालन का कार्य देखता था, तो प्रदीप इलाहाबाद मण्डल के वरिठ मण्डल परिचालन प्रबन्धक हुआ करते थे। वे एक ऐसे अफसर हैं जो सोते-जागतेContinue reading “लता और प्रदीप ओझा”

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