यात्रायें करते ही क्यों हैं लोग?


क्या यात्रा का स्वरूप तकनीकी रूप से विकसित होने वाले यात्रा के संसाधनों को यूं ही चरमराता रहेगा या जीडीपी की वृद्धि दर यात्रा की वृद्धि दर को पार करेगी, या यात्रा की वृद्धि दर को ऋणात्मक कर देगी।

बायोडाइजेस्टर टॉयलेट – प्रयोग पर फीडबैक


मैने एक पोस्ट तीन महीने पहले लिखी थी – बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस और बायोडाइजेस्टर टॉयलेट। इसमें रेलवे द्वारा बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस में नये प्रकार के टॉयलेट्स प्रयोग में लाने के बारे में था। मैने लिखा था – (यह बायोडाइजेस्टर) बैक्टीरिया सियाचिन ग्लेशियर पर सेना के टॉयलेट्स का ठोस अपशिष्ट पदार्थ क्षरित करने के लिये प्रयोग में लायाContinue reading “बायोडाइजेस्टर टॉयलेट – प्रयोग पर फीडबैक”

डेमॉर्की के निहितार्थ


जनवरी में बीस दिन जी-ग्रुप के लोग बिछे रहे रेल पटरी पर। एक तरफ रेल परिचालन पर कोहरे की मार और दूसरी तरफ दिल्ली-बम्बई का ट्रंक रूट अवरुद्ध किये जी-ग्रुप के लोग। लोगों को असुविधा के साथ साथ अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव। अब एक हफ्ते से ज्यादा समय हो गया, माल यातायात वहन काContinue reading “डेमॉर्की के निहितार्थ”

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