पूर्वोत्तर भारत के बारे में गलत सोच


मेरे सामने ताज बनजारा होटल के डिनर की टेबल पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य मालभाड़ा यातायात प्रबन्धक श्री एन.के.. सचान बैठे थे। श्री सचान पिछले साल भर से अधिक हुआ, गुवाहाटी में रह रहे हैं। हम या तो यूंही इधर उधर की बात कर सकते थे, या रेल विषयक दिन की बात चीत काContinue reading “पूर्वोत्तर भारत के बारे में गलत सोच”

सेवाग्राम का प्लेटफार्म


दक्खिन एक्स्प्रेस किसी स्टेशन पर रुकी है मैं यूंही दरवाजा खोल बाहर झांक लेता हूं – यह तो सेवाग्राम है। विनोबा का आश्रम यहां पर है। स्टेशन का बोर्ड सामने है। उसका चित्र उतार लेता हूं मोबाइल से। और न जाने कितने गये – बेतूल आमला मुलताई चिंचोडा … किसी का नहीं उतारा। नागपुर स्टेशनContinue reading “सेवाग्राम का प्लेटफार्म”

इंफ्रा-रेड कैमरा और कर्षण विद्युत उपकरण का रखरखाव


हम रेलवे उपकरणों की विफलता पर एक पावरप्वॉइण्ट बना रहे थे| उस समय कर्षण विद्युत उपकरण (over head transmittion equipment – OHE)  की विफलता कम करने के लिये इंफ्रा-रेड (थर्मोग्राफिक) कैमरे के प्रयोग की तकनीक का जिक्र हमारे मुख्य विद्युत अभियंता महोदय ने किया। मेरे अनुरोध पर उन्होने अगले दिन इलाहाबाद रेल मण्डल के एक कर्मी कोContinue reading “इंफ्रा-रेड कैमरा और कर्षण विद्युत उपकरण का रखरखाव”

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