गंगाजी की बढ़ी जल राशि


कुछ दिनों पहले मैने गंगाजी में बढ़े पानी और शाम की आरती का वर्णन किया था। अब उससे कहीं ज्यादा पानी आ गया है। आरती करने वालों को बहुत कम स्थान – वह भी ढ़लान पर मिल रहा था। तब भी लोग थे और पूरी श्रद्धा से थे। ये चित्र देखें मेरे घर के पासContinue reading “गंगाजी की बढ़ी जल राशि”

भूत-वर्तमान-भविष्य


अनेक ग्रंथ भूत के पछतावे और भविष्य की चिंता की बजाय वर्तमान में जीने की बात कहते हैं। एकहार्ट टॉले की पुस्तक "द पावर ऑफ नाउ" तो एक बहुत सुन्दर पुस्तक है इस विषय पर। दीपक चोपड़ा का इस पुस्तक के बारे में कथन है – "कई सालों से आयी सर्वोत्तम पुस्तकों में से एक।Continue reading “भूत-वर्तमान-भविष्य”

कोल्हू का बैल बनाम मैं


“अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम। दास मलूका कह गये, सबके दाता राम॥” दास मलूका को देखा नहीं, वर्ना यह कामना उनसे करता कि राम जी की कृपा दिला कर परमानेण्ट पेंशन की व्यवस्था करा दें। कोल्हू के बैल की तरह न खटना पड़े। डा. अमर कुमार को यह कष्ट है कि कैसेContinue reading “कोल्हू का बैल बनाम मैं”

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